Aaj ham baat karenge AB de Villiers ke bare mein.De Villiers उन चुनिंदा क्रिकेटरों में से है जिनके खेलने की वजह से भारत में भी नहीं पूरे विश्व में लोकप्रियता हासिल की हुई है। चाहे वह आरसीबी के लिए खेलजय हो या फिर अपनी टीम दक्षिण अफ्रीका की तरफ से क्रिकेट प्रेमी उनके खेलने की कला का भरपूर आनंद उठाते हैं। आखिरकार उनका खेल उतना लाजवाब है। कि दर्शक अपना सीट छोड़कर जा नहीं पाते हैं और वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो ग्राउंड के चारों तरफ शॉट लगाते हैं । जिसकी वजह से उनका नाम 360 डिग्री रखा गया है। हालांकि साल 2018 को वह संन्यास ले चुके हैं उनके जैसा क्रिकेटर अभी तक नहीं हुआ है अफ्रीका को क्या पूरे विश्व को ऐसा खिलाड़ी नहीं मिल पाया है।
AB de Villiers
चलिए आज बात करते हैं उनके जिंदगी के बारे में तो दोस्तों इस जर्नी की शुरुआत होती है अफ्रीका के प्रिटोरिया नामक स्थान से। जहां 17 फरवरी 1983 को एबी डिविलियर्स का जन्म हुआ था उसका पूरा नाम इब्राहिम बेनजिंग डिविलियर्स है और उनके पिता का नाम Abraham de Villiers उनका पिता पैसे से डॉक्टर हैं साथी रब की के एक अच्छे खिलाड़ी भी हैं उनके मां का नाम मिली डिविलियर्स है जो पैसे से प्रॉपर्टी डीलर है एबी डिविलियर्स की पढ़ाई African स्कूल से पुरी की। उनके साथी खिलाड़ी Du Plessis भी उसी स्कूल से पढ़ाई की। डिविलियर्स के पिता सपोर्ट से बहुत लगाव रखते थे जिसके कारण डिविलियर्स भी sport se से लगाव रखने लगा और अपने खाली समय स्पोर्ट्स एक्टिविटीज में बिताते थे। और वह अपना खाली समय क्रिकेट रग्बी फुटबॉल जैसे खेलों में से लगाओ रखते थे और वह इन खेलों में काफी अच्छे भी थे और इससे ज्यादा लगाओ क्रिकेट में हो गया। उन्होंने अपना कैरियर क्रिकेट में ही बनाने का फैसला कर लिया आखिरकार साल 2003 में Northern prevalence से खेलने का फैसला किया। उसके बाद टाइटन क्लब के लिए खेलने का निश्चय किया जहां उन्होंने अपने लाजवाब प्रदर्शन से सभी को प्रभावित कर दिया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में प्रदर्शन के ध्यान में रखकर उन्हें 2004 में कर्ताओं ने इंग्लैंड में होने वाली फर्स्ट टेस्ट सीरीज. में चयनकर्ताओं ने चुन लिया। इस तरह 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए अपना कदम रखा उन्होंने अपना डेब्यू टेस्ट में ही पारी की शुरुआत करने का मौका मिला इस मौके का कुछ खास फायदा नहीं उठा सके और खाओ पहली पारी में 28 रन और दूसरी पारी में 14 रन बनाकर आउट हो गया दूसरे टेस्ट में उन्होंने अपना सातवां नंबर पर बैटिंग करने का फैसला किया और विकेटकीपिंग की भी जिम्मेवारी मिली टेस्ट में उन्होंने 52 रन की पारी खेली और इस मैच को ड्रॉ कराने का अहम योगदान दिया फिर भी को तीसरे टेस्ट में पारी की शुरुआत करने का मौका मिला।दोनों पारी में अच्छे रन बनाए इस पारी में पहला टेस्ट शतक भी बनाया इसी मैच में उन्होंने मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया साल 2005 में फिर इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया हालांकि 2006 में कुछ खास नहीं कर सका अपनी फॉर्म से जूझते रहे और 2007 में वर्ल्ड कप खेलने वाली टीम में शामिल कर लिया गया। डिविलियर्स ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया उन्होंने इस वर्ल्ड कप में अपने फोन में वापसी करते हुए शानदार बल्लेबाजी का उदाहरण पेश किया और एक शतक और दो छक्कों की मदद से टूर्नामेंट में 372 रन बनाए। जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में खेली गई 146 रनों की धमाकेदार पारी भी शामिल है|
जिसमें एक शतक और एक एकदिवसीय क्रिकेट में पहला शतक भी बनाया। इस तरह साउथ अफ्रीका टीम सेमीफाइनल में पहुंची लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हारकर बाहर हो गई। इस वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका को एक चमकता हुआ हीरो मिला वह था एबी डिविलियर्स। यह वर्ल्ड कप एबी डिविलियर्स का टर्निंग प्वाइंट भी कहा जाता है इस वर्ल्ड कप के बाद उसके खेल में जादुई निखार आ गया साल 2007 से लेकर 2010 तक शानदार फॉर्म में रहा।इस दौरान ए बी डिविलियर्स ने 9 बार शतकीय पारी खेली जिसमें 8 बार साउथ अफ्रीका की टीम ने जीत हासिल की। इसी दौरान टेस्ट टीम में जगह बनाने में सफल रहा है।टेस्ट में शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए शतक लगाया जिसमें साउथ अफ्रीका को जीत हासिल हुई इसी तरह T20 में शानदार खेल दिखाया जिसमें कि साउथ अफ्रीका को सेमीफाइनल तक पहुंचाया है उसके बाद फॉर्म इस तरह पकड़ रखा है कि 2010 में ICC ODI player of the year चुना गया। अब 2010 में अच्छा प्रदर्शन किया इस वर्ल्ड कप में 353 रन बनाया और हाईएस्ट रन स्कोरर भी रहे । इस टूर्नामेंट में साउथ अफ्रीका की टीम क्वार्टर फाइनल में जगह बनाया। लेकिन इस टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा साउथ अफ्रीका की टीम को। इसी साल ODI, T20 team का captain बनाया गया।
कैप्टन बनाने के बाद वह और भी शानदार प्रदर्शन करने लगा बहुत सी यादगार पारी खेली जिसमें कि साउथ अफ्रीका को जीत भी हासिल हुई है। फिर एक बार 2014 में ICC ODI player of the year चुना गया।2015 के वर्ल्ड कप में तो कुछ अलग ही अंदाज में प्रदर्शन किया जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ 35 गेंद में शतक बनाया जो शाहिद अफरीदी के 17 साल पुराना और कोरी एंडरसन के रिकॉर्ड को तोड़ा। इसी 2015 के वर्ल्ड कप में बनाया गया रिकॉर्ड था और इस वर्ल्ड कप में कैप्टन भी था और इसी टूर्नामेंट में 483 रन भी बनाए पर टीम सेमीफाइनल तक पहुंचा पर किस्मत में जो था वही हुआ सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा। साल 2015 के अंत में एक बार फिर ICC ODI player of the year चुना गया।उन्होंने ओडीआई में कैप्टन होते हुए 13वां शतक लगाया और जिसमें 18 बार जीत हासिल हुई इसके अलावा टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया आखिरकार 2018 में ऐसी सभी प्रारूप से संन्यास की घोषणा कर दिया लेकिन घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखा आईपीएल में पहला 3 सीजन दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेला और बढ़िया प्रदर्शन किया जिसमें 2018 में आरसीबी ने अच्छी खासी रकम देकर वह खरीद लिया
Statistics
2. इंटरनेशनल मैच में कुल 20014 रन बनाए साउथ अफ्रीका की तरफ से जैक कैलिस के बाद एबी डिविलियर्स ने सबसे ज्यादा रन बनाया।
3. बार ICC ODI player of the year का खिताब जीतने वाला दुनिया का पहला और साउथ अफ्रीका का पहला खिलाड़ी है



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